Essay on Seasons

884 WordsSep 11, 20124 Pages
भारत एक विशाल देश है जो हजारों वर्गमील के क्षेत्र में फैली हुई है|. इसकी जलवायु भिन्न भिन्न समयों में प्रान्तों में अलग अलग है | आम तौर पर भारत में तीन ऋतुएं हैं., जाडा गर्मी, एवं बरसात | दक्षिण भारत में ठण्ड अधिकतर जगहों पर नहीं/ ज्यादा नहीं पड़ता है | ग्रीष्म ऋतु मार्च से जून तक रहता है| सूर्य की तीव्र गर्मी पड़ती है | लोग पसीने से परेशान रहते हैं | लू चलती है| लोगों को काफी प्यास लगती है| अपनी प्यास बुझाने के लिए कच्चे आग में सेंके गए आम का पानी, नारियल पानी, गन्ने का रस,बेल का शरबत, सत्तू का घोल, नीम्बू का पानी , एवं छाछ /मट्ठे , लस्सी एवं दही का लोग काफी उपयोग करते हैं| तरबूज, ककड़ियों, खीरों की खपत बढ़ जाती है.| निर्जलीकरण के कारण अनेकों मौत होती हैं || ओ आर एस (मौखिक पुनर्जलीकरण घोल ) की थैलियों का इस्तेमाल बढ़ जाता है | गर्मी में सफ़ेद कपड़ा पहनना अच्छा होता है | बिजली का उपयोग बढ़ जाता है| कुछ राज्यों में सभी नागरिकों को निरंतर बिजली की सुविधा प्रदान करना असंभव सा हो जाता है | पंखे प्रायः दिन /रात भर चलते हैं | पाने रखे के लिए मिटटी के घडे एवं सुराही का उपयोग भी होता है | संस्थाओं एवं अमीर घरों में एयरकंडीशंनरों/ एयरकूलरों का प्रयोग होता है | रेफ्रीजरेटर का जल पीने हेतु काफी उपयोग होता है |पुरुष बनियान, हल्के पोशाक पहनना पसंद करते हैं | पानी की खपत भी बढ़ जाता है | बिजली के अभाव में , जहा कहीं भी सुविधा हो, जनेरटर के उपयोग करने पर भी लोग मजबूर हो जाते हैं | इस प्रकार, डीजल का खर्च भी बढ़ जाता है | भारत में काफी जगहों में प्याऊ (मुफ्त पानी) की व्यवस्था की जाती है ताकि पथिक आवश्यकता पड़े तो पानी ग्रहण कर सकें| तरु की छाया भी काफी आराम पहुंचाती है | बारह बजे से पांच बजे शाम तक, रास्ते में भीड़ कम दिखाई देती है | उत्पादन में कमी आ जाती है | सभी विद्यालय एवं महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कुछ दिनों की छुटियाँ घोषित कर दी जाती है | पर्यटन स्थलों पर परिवार सहित लोग आनंद उठाते हैं | गर्मियों में भूख कम हो जाते है | नदी, नालों, जलाशय के पानी सूख जाते हैं | वर्षा के अभाव में सूखा पडने की आशंका हो जाटी है | भारत आमों के लिएय प्रख्यात है | भारत से प्रचुर मात्रा में

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